बुधवार, 10 फ़रवरी 2016

तितली को उड़ने दो

बाल कहानी 
                       तितली को उड़ने दो
        

                                                     पवित्रा अग्रवाल


       सोनू ने माँ से कहा -- "मम्मी आप रोज सुबह पापा के साथ मार्निग वाक को जाती हैं, अब हमारे स्कूल    की  छुट्टियाँ हो गई हैं... हम भी आपके साथ चलें ?'
 "यह तो बहुत अच्छी बात है ,पर हम तो सुबह छह बजे वहाँ पहुँच जाते हैं, तुम्हें जल्दी उठना पड़ेगा ।'
 "हाँ मम्मी आप उठा देना हम चलेंगे ।'.
. दूसरे दिन मम्मी की एक आवाज में ही सोनू व पम्मी उठ कर जल्दी से तैयार हो कर बगीचे में पहुंच गए   पम्मी ने चहकते हुए कहा --'वाह मम्मी बहुत सुंदर गार्डन है, कितने सुंदर सुंदर फूल खिले हैं।'
  सोनू ने कहा -- " देख पम्मी वहाँ बच्चों के खेलने के लिए बहुत तरह के झूले भी है ?'
 " हाँ भैया वह देखो स्केटिंग सीखने के लिए भी इंतजाम है... मम्मी हमें भी स्केट्स ले दो, हम भी   स्केटिंग सीखेंगे।'  
 "ठीक है दिला देंगे।... बच्चों तुम को जो खेलना है खेलो, मैं अब वाक करके आती  हूँ।'
 "ठीक है माँ आप जाइए ।'
 बच्चों को तितलियों के पीछे भागते देख कर मम्मी ने पूछा - "अरे तुम लोग यह क्या कर रहे हो ?'
 "अरे मम्मी देखिए कितनी सुन्दर तितली है और बहुत फुर्तीली भी है ,हम दोनो इतनी देर से कोशिश कर  रहे हैं पर यह पकड़ में नही आ रही ।'
     "पर तुम इसे क्यों पकड़ना चाहते हो... पकड़ोगे तो वह मर जाएगी।"
 "अरे मम्मी बहुत दिनों बाद तितली को देखा है। हमारे कई दोस्तों ने तो तितली को देखा भी नही है।इसे  ले जा कर अपने दोस्तों को दिखाएगे । "
 मम्मी के कुछ कहने से पहले ही पम्मी ने पूछा -"मम्मी तितली कहाँ रहती हैं ?'
 "बेटे बाग - बगीचे ही तितलियों का घर होते हैं। यहीं  फूलों के बीच यह सो जाती हैं।'
 " इतनी कम क्यों दिखती हैं ?'
 "हाँ इनकी संख्या दिन पर दिन कम होती जा रही है।'
     "क्यों मम्मी ?'
   "बेटा बाग बगीचे, हरियाली सब कम होते जा रहे हैं तो तितली रहेंगी कहाँ ?...जो कुछ बच भी जाती हैं  तो बच्चे उन्हें जीने नहीं देते ।'
 "फिर तो मम्मी एक दिन ऐसा आएगा कि इनकी प्रजाति ही समाप्त हो जाएगी ।'
 "हाँ बच्चों ऐसा भी हो सकता है।'
    " मम्मी फूल और तितलियाँ ही तो बगीचे की शान होते हैं । हमें इनको समाप्त नहीं होने देना चाहिए ।'
 "पर हम क्या कर सकते हैं मम्मी ?'
 "पहली बात  फूलों को तोड़ना नहीं चाहिए।.. फूल नहीं होंगे तो तितली भी नहीं आएगी ?'
    "मम्मी अभी कुछ बच्चे फूल तोड़ रहे थे तो  वाचमेन ने उन को बहुत डाँटा भी था ।'
    "मम्मी हमें अपनी बालकनी में फूलों के पौधे लगाने हैं तो तितली वहाँ भी आंएगी ?'
 "हाँ आ सकती हैं।'
 "मम्मी इस इतवार को नर्सरी से पौधे लाएंगे और उनकी देख भाल भी हम दोनो करेंगे ।'
 "और क्या क्या करोगे ?'
 " हम फूल नहीं तोड़ेंगे और तितलियो को उड़ने देंगे ।... अपने दोस्तों को भी समझाएंगे।....मम्मी अपना सैल फोन  दीजिए, हम इनका फोटो तो  खीच सकते हैं ?'
 "हाँ फोटो खीच सकते हो...पर हमे इनकी रक्षा करनी है वरना एक दिन यह लुप्त हो जाएंगी फिर  फोटो  में ही मिलेंगी ।'
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