शुक्रवार, 3 मई 2013

स्वाद में क्या रखा है


बाल कहानी   
                            स्वाद में क्या रखा है
                                                                                               पवित्रा अग्रवाल
 ध्रुव को घर से बाहर जाता देख कर माँ ने उसे रोकते हुए पूछा--
 "बेटा ध्रुव तुम कहीं बाहर जा रहे हो ?'
 "हाँ माँ अपने दोस्त कपिल के पास जा रहा हूँ....आपको कुछ काम था ?'
 "तुझे तो मालुम है आज पापा के कुछ दोस्त डिनर पर आ रहे हैं।खाना बनाने के लिए मिसरानी भी    आ गई है।उसे कुछ सामान चाहिए था।तू बाजार से ला देगा ?'
 "क्यों नहीं माँ ...आप लिस्ट बना कर दे दीजिए मैं अभी साइकिल पर जा कर ला देता हूँ ।'
 "लिस्ट तो मैं ने बना दी है। अभी ला कर देती हूँ ।'
 "कौन कौन सी सब्जियाँ बनवा रही हो माँ ?'
 "छोले,मटर पनीर,दम आलू बनवा रही हूँ।'
 "और क्या क्या बनवा रही हो ?'
 "वेजीटेबिल पुलाव ,रायता और नान ।'
 "मिठाई में क्या रहेगा ?'
 "रस मलाई और गुलाब जामुन मैं ने लिस्ट में लिख दी हैं , तुम ले आना ।'
 "मम्मी इस लिस्ट में अजीमो मोटो भी लाने को लिखा है।...अजीमो मोटो क्यों ?'
 "पता नहीं ये क्या होता है।...मैं ने तो कभी डाला नहीं पर मिसरानी कह रही थी इस से सब्जी का स्वाद बहुत बढ़ जाता है।'
 "माँ आप जो खाना बनाती हो क्या वह कम स्वादिष्ट होता है ?..पर स्वाद बढ़ाने के लिए इस तरह के रसायन डालना अच्छी बात नहीं है।'
 "क्या इस से कुछ नुकसान होता है ?'
 "माँ यह एक तरह का रसायन है ।इसका साइन्टीफिक नाम सोडियम मोनो ग्लूकोनेट है।अक्सर होटलों आदि में स्वाद बढ़ाने के लिए इसे डाला जाता है । स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है।कहते हैं इसका असर सीधे दिमाग पर होता है ।माँ मिसरानी से मना करदो कि हमें खाने में अजीमों मोटो नहीं डालना है।ऐसा स्वाद किस काम का जो बीमारियों को दावत दे।'
 "तू बिलकुल ठीक कह रहा है इसे मत लाना ।पर तुम यह सब कैसे जानते हो...क्या स्कूल  में यह भी पढ़ाया जाता है ?'
 "आप को तो पता है माँ मुझे स्वास्थ्य  संबंधी विषयों में बहुत इन्ट्रेस्ट है और पत्र .पत्रिकाएं पढ़ने का शौक भी है और आज कल पत्र पत्रिकाओं में सब आता है।..माँ आप भी समय निकाल कर पत्रिकाए पढ़ा करो ।..आप कहें तो मैं आपके लिए हिन्दी की पत्रिकाएं ला दिया करूँगा ।'
 "हाँ बेटा ला देना मैं भी अब से पढ़ने की आदत डालूँगी ।' 

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-पवित्रा अग्रवाल