बुधवार, 23 मई 2012

किराये का घर

बाल कहानी                                 
                           किराये का घर
                                                                    
                                                                   पवित्रा अग्रवाल


अपने नए घर में आने के बाद से नवीन,अदिति और उनके माता पिता सभी बहुत खुश थे।जब भी घर से बाहर जाते, घर में सजाने के लिए कुछ न कुछ जरूर ले कर आते थे फिर सब मिल कर विचार करते थे कि उसे कहां लगाया जाए ।
 नवीन और अदिति को भी एक अलग कमरा दिया गया था ।कमरे में सामान कुछ इस तरह से जमाया गया था कि आधा-आधा कमरा दोनों का था।दोनो का अलग पलंग था, अलग पढ़ने की मेज और कुर्सी थीं।बुक्स व कपड़े रखने की अलमारी भी अलग-अलग थीं।अब कमरा गन्दा होंने पर दोनो ही एक दूसरे को दोष नहीं दे सकते थे।
 मम्मी ने कहा था दोनो रोज अपना -अपना सामान ठीक से रखना, जो अपनी जगह साफ रखेगा उसे हर महीने एक इनाम मिलेगा।दोनो ही अपनी तरह से अपना हिस्सा सजाने में लगे थे।नवीन ने अपनी पसंद के कुछ पोस्टर  दीवाल पर चिपका दिए थे और अदिति ने अपने जमा किए ग्रीटिग कार्डस में से चुन कर कुछ कार्डस अपनी मेज के ऊपर दीवार पर चिपका लिए थे ।रंग बिरंगी पेंसिलो से दीवार पर अपने स्कूल का टाइम टेबिल भी लिख लिया था और अपनी सहेलियों के फोन नंबर भी सुंदर अक्षरों में लिख लिए थे ।
 सुबह मम्मी की नजर उनकी दीवार पर पड़ी तो वह गुस्से से आग बबूला हो गई ।उन्होने चिल्ला कर दोनो को जगाया --"तुम दोनो को जरा भी तमीज नहीं है, दीवारों पर ये सब क्यों चिपकाए हैं ?और अदिति तूने तो कमाल ही कर दिया ,टाइम टेबिल और फोन नंबर दीवार पर ही लिख दिए ।...तुम लोगो को कब समझ आएगी ?...पापा देखेंगे तो कितना गुस्सा करेंगे...खबरदार जो आज के बाद तुम लोगों ने दीवार को हाथ भी लगाया तो ।'
 नवीन ने डरते - डरते कहा --"मम्मी हम तो पुराने मकान में भी ऐसे ही दीवारों पर लिखते थे तब तो आपने कभी नहीं डांटा ।'
 "और मम्मी वहाँ आप भी दूध का हिसाब किचन की दीवारों पर लिखती थीं "अदिति ने कहा
 एक क्षण को तो मम्मी चुप हो गई फिर समझाते हुए बोलीं-" बच्चों वह मकान किराए का था ,यह हमारा अपना मकान है, वो भी नया ...इसको गंदा नहीं करना चाहिए ।'
 "मम्मी आपने यह तो बताया ही नहीं था कि किराए के घर को गंदा कर सकते हैं, अपने घर को नहीं। आगे से ध्यान रख्रेंगे ।'
 तभी पापा आ गए --"बेटे घर अपना हो या किराए का , घर घर होता है और उसे हमेशा साफ रखना चाहिए।...टाइम टेबुल हार्ड बोर्ड पर लिख कर मेज पर रखा जा सकता है,फोन नंबर लिखने के लिए एक छोटी डायरी का स्तेमाल किया जा सकता है,इस के लिए दीवारों को गंदा नहीं करना चाहिए।'
 "सारी पापा-मम्मी आगे से हम दीवारों पर कुछ नहीं लिखेंगे ,...उन्हें साफ रखेंगे ।'



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